Navratri Day 4 and Maa Kushmanda: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व, कथा, मंत्र और विधि

नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और पावन पर्व माना जाता है। पूरे नौ दिनों तक भक्त माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। हर दिन का संबंध देवी के अलग-अलग रूप से है। Navratri Day 4 and Maa Kushmanda विशेष महत्व रखते हैं क्योंकि इस दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है।

माँ कूष्मांडा कौन हैं?

Navratri Day 4 : Maa Kushmanda

‘कूष्मांडा’ शब्द तीन भागों से मिलकर बना है – कु (छोटा), उष्मा (ऊर्जा/तेज) और अंड (ब्रह्मांड)। इसका अर्थ है – वह शक्ति जिसने अपनी मुस्कान से इस सृष्टि की रचना की। मान्यता है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति माँ कूष्मांडा की दिव्य मुस्कान से हुई थी। इसलिए इन्हें सृष्टि की आदिशक्ति भी कहा जाता है।

माँ कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहते हैं। उनकी आठ भुजाओं में कमंडल, धनुष-बाण, कमल पुष्प, अमृत कलश, गदा, चक्र, जपमाला और अन्य दिव्य शस्त्र सुशोभित रहते हैं। वे सिंह पर सवार होती हैं और उनके तेज की तुलना सूर्य से की जाती है।

माँ कूष्मांडा और सृष्टि की रचना

कथा के अनुसार, जब संसार में चारों ओर अंधकार छाया हुआ था और जीवन का अस्तित्व नहीं था, तब देवी ने मुस्कुराकर ब्रह्मांड का सृजन किया। उनकी मुस्कान से प्रकाश फैला और हर दिशा में ऊर्जा का संचार हुआ। यही कारण है कि उन्हें सूर्य मंडल की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है।

माँ कूष्मांडा को अनाहत चक्र यानी हृदय चक्र की अधिष्ठात्री भी माना जाता है। इसलिए माना जाता है कि जो लोग चिंता, अवसाद, भय या नकारात्मकता से जूझ रहे हों, वे माँ की पूजा करके शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।

Navratri Day 4: शुभ रंग और विशेषताएँ

नवरात्रि के चौथे दिन का शुभ रंग हरा (Green) माना गया है। इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने और पूजा में हरे रंग की चुनरी, फूल और श्रृंगार सामग्री चढ़ाने से विशेष पुण्य मिलता है।

माँ कूष्मांडा का प्रिय भोग

  • माँ कूष्मांडा को मालपुआ अत्यंत प्रिय है।
  • भक्त उन्हें दही और हलवे का भोग भी अर्पित करते हैं।
  • कई स्थानों पर माँ को कुम्हड़ा (पेठा) अर्पित करने की परंपरा है क्योंकि कुम्हड़े को ही “कुष्मांड” भी कहा जाता है।

माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धा से माँ का प्रिय भोग अर्पित करता है, उसे सुख-समृद्धि और मनचाहा फल प्राप्त होता है।

माँ कूष्मांडा के प्रिय पुष्प

  • लाल कमल
  • लाल गुड़हल
  • गेंदे के फूल

लाल रंग के पुष्प अर्पित करने से माँ अत्यंत प्रसन्न होती हैं और भक्त को जीवन में विजय, धन और ऐश्वर्य का आशीर्वाद देती हैं।

Navratri Day 4 Puja Vidhi (पूजा विधि)

Navratri Day 4 and Maa Kushmanda की पूजा विशेष नियमों से की जाती है:

  1. सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान करके स्वच्छ/नए वस्त्र पहनें।
  2. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और माँ की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  3. माँ कूष्मांडा को धूप, दीप, अक्षत, सिंदूर, पुष्प और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
  4. मालपुआ, दही-हलवा और पेठा का भोग लगाएँ।
  5. दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  6. माँ के मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  7. अंत में आरती करें और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें।

माँ कूष्मांडा के प्रमुख मंत्र

बीज मंत्र

“ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः”

सामान्य मंत्र

“ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥”

स्तुति मंत्र

“या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

ध्यान मंत्र

“सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥”

माँ कूष्मांडा की आरती

कूष्मांडा जय जग सुखदानी,
मुझ पर दया करो महारानी॥
शाकंभरी माँ भोली भाली,
भक्तों पर करती हो कृपा निराली॥

(पूरी आरती गाकर माँ का आशीर्वाद लिया जाता है।)

माँ कूष्मांडा की पूजा से लाभ

  • रोग, शोक और कष्टों का नाश होता है।
  • धन, यश और आय में वृद्धि होती है।
  • परिवार में सुख-शांति और उन्नति आती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मकता की प्राप्ति होती है।
  • सूर्य जैसी तेजस्विता और ऊर्जा मिलती है।

Navratri Day 4 and Maa Kushmanda: पौराणिक कथा

एक पौराणिक कथा के अनुसार जब माँ चंद्रघंटा ने राक्षस जटुकासुर का वध किया, तब ब्रह्मांड अंधकार में डूब गया। उसी समय माँ पार्वती ने कूष्मांडा का रूप धारण कर अपने तेज और मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड को आलोकित कर दिया। इस प्रकार उन्होंने जीवन और ऊर्जा का संचार कर संतुलन स्थापित किया।

निष्कर्ष

Navratri Day 4 and Maa Kushmanda का दिन भक्तों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। माँ कूष्मांडा की पूजा करने से न केवल सांसारिक सुख-समृद्धि मिलती है, बल्कि आत्मिक शांति और शक्ति भी प्राप्त होती है। इसलिए इस दिन भक्तों को पूरे मन और श्रद्धा से माँ की उपासना करनी चाहिए।

FAQs

Q1. Navratri Day 4 and Maa Kushmanda का क्या महत्व है?
नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा की पूजा से रोग, शोक और कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि मिलती है।

Q2. माँ कूष्मांडा का प्रिय भोग क्या है?
माँ कूष्मांडा को मालपुआ, दही-हलवा और कुम्हड़ा (पेठा) अति प्रिय है।

Q3. Navratri Day 4 का शुभ रंग कौन सा है?
चौथे दिन का शुभ रंग हरा (Green) माना जाता है। हरे वस्त्र धारण करने और हरे फूल चढ़ाने से माँ प्रसन्न होती हैं।

Q4. माँ कूष्मांडा की पूजा कैसे करें?
सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, दीपक जलाएँ, माँ को पुष्प, भोग, श्रृंगार सामग्री अर्पित करें, मंत्रों का जाप करें और आरती करें।

Q5. Maa Kushmanda का बीज मंत्र क्या है?
“ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः”

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