Navratri Day 7 – मां कालरात्रि की पूजा, महत्व और लाभ

नवरात्रि का सातवां दिन (Navratri Day 7) मां कालरात्रि को समर्पित होता है। इस दिन देवी के भयावह और शक्तिशाली रूप की पूजा करके भक्त अपने जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियों, शत्रु बाधाओं और कठिनाइयों से मुक्ति पा सकते हैं। नवरात्रि का यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है, जो अपने जीवन में सुरक्षा, साहस और समृद्धि चाहते हैं।

मां कालरात्रि का स्वरूप

मां कालरात्रि का रूप अत्यंत शक्तिशाली और डरावना है। उनका शरीर गहरा काला है और वे अंधकार एवं नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक हैं।

  • उनके चार हाथ हैं और तीन नेत्र
  • एक हाथ में तलवार (खड्ग), दूसरे में लौह शस्त्र।
  • तीसरे हाथ में वर मुद्रा, चौथे में अभय मुद्रा।
  • उनके बिखरे हुए बाल और बिजली जैसी चमकती माला उनके दिव्य रूप को दर्शाती हैं।

नवरात्रि का सातवां दिन (Navratri Day 7) मां कालरात्रि की आराधना के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, क्योंकि उनका स्वरूप भक्तों के शत्रुओं का नाश और जीवन की बाधाओं को दूर करता है।

Navratri Day 7: पूजा का महत्व

Navratri Day 7 का पर्व उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो शत्रु बाधा, आर्थिक कठिनाइयों या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं।

Navratri Day 7

माना जाता है कि इस दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से:

  • शत्रु बाधाएँ समाप्त होती हैं।
  • भूत-प्रेत, राक्षस और नकारात्मक शक्तियाँ दूर हो जाती हैं।
  • जीवन में भय, तनाव और व्याधियाँ कम होती हैं।
  • आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत संकटों से मुक्ति मिलती है।

मां कालरात्रि अपने भक्तों को सुरक्षा, साहस और आशीर्वाद प्रदान करती हैं। यही कारण है कि नवरात्रि का सातवां दिन (Navratri Day 7) अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।

Navratri Day 7: मां कालरात्रि की पूजा विधि

Navratri Day 7 पर मां कालरात्रि की पूजा करने के लिए निम्न विधि अपनाई जाती है:

  1. स्नान और शुद्धिकरण
    सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। अपने मन और शरीर को शुद्ध करके पूजा स्थल पर जाएँ।
  2. पूजा स्थल सजाना
    मां कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र को साफ स्थान पर रखें और दीपक जलाएँ।
  3. भोग अर्पित करना
    मां को मीठे पकवान, मौसमी फल और शुद्ध भोग अर्पित करें।
  4. मंत्र जाप
    • मुख्य मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः
    • बीज मंत्र: ॐ देवी महाकालरात्र्यै नमः
    मंत्र का जाप 108 बार करें।
  5. ध्यान और आराधना
    मंत्र जाप करते समय मां कालरात्रि की शक्ति और उनके आशीर्वाद का ध्यान करें।
  6. सांध्य आरती
    शाम को पुनः दीपक जलाएँ और माता की आरती करें।

Navratri Day 7 पूजा करने के लाभ

Navratri Day 7 पर मां कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों को अनेक लाभ मिलते हैं:

  • शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति।
  • ग्रह और नक्षत्र दोषों का शमन।
  • जीवन में साहस और सुरक्षा की प्राप्ति।
  • आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान।
  • व्याधियों और भय से मुक्ति।

मां कालरात्रि की कथा

पुराणों में कहा गया है कि मां कालरात्रि दुर्गा का ऐसा रूप है जो दुष्टों का विनाश करती हैं। नवरात्रि के सातवें दिन उनका आगमन भक्तों के जीवन में नकारात्मक शक्तियों का नाश और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

कहा जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन में सभी बाधाएँ दूर होती हैं और व्यक्ति मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनता है।

पूजा के समय ध्यान देने योग्य बातें

  • पूजा स्थल हमेशा साफ और पवित्र होना चाहिए।
  • दीपक, फूल और भोग साफ-सुथरे होने चाहिए।
  • मंत्र जाप करते समय ध्यान केंद्रित रखें।
  • मां कालरात्रि की तस्वीर या प्रतिमा को आंखों के सामने रखकर पूजा करें।

विशेष उपाय और टिप्स

  • यदि आप शत्रु बाधा, आर्थिक परेशानी या ग्रह दोष से परेशान हैं, तो Navratri Day 7 पर मां कालरात्रि की पूजा अवश्य करें।
  • पूजा के समय सकारात्मक और शुभ विचार रखें।
  • मां की कृपा पाने के लिए पूजा नियमित रूप से करें और मन में सच्ची भक्ति रखें।

निष्कर्ष

नवरात्रि का सातवां दिन (Navratri Day 7) मां कालरात्रि की पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन की पूजा से जीवन में नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं, शत्रु बाधाएँ समाप्त होती हैं और भक्तों को साहस, सुरक्षा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

यदि आप नवरात्रि 2025 में पूर्ण भक्ति और विश्वास के साथ मां कालरात्रि की पूजा करते हैं, तो आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव, समृद्धि और सुख-शांति अनुभव कर सकते हैं।

FAQ – नवरात्रि का सातवां दिन (Navratri Day 7)

Q1: नवरात्रि का सातवां दिन किस देवी को समर्पित है?
A: नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा करने से शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।

Q2: Navratri Day 7 पर मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?
A: पूजा के लिए सुबह स्नान करें, दीपक जलाएं, मां की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, भोग अर्पित करें और मंत्र “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” 108 बार जपें। शाम को आरती करें।

Q3: मां कालरात्रि की पूजा के मुख्य लाभ क्या हैं?
A: पूजा करने से शत्रु बाधा दूर होती है, जीवन में साहस और सुरक्षा आती है, ग्रह दोष और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, और व्याधियों से मुक्ति मिलती है।

Q4: Navratri Day 7 पर कौन सा भोग अर्पित किया जाता है?
A: इस दिन मां कालरात्रि को शुद्ध भोग, मीठे पकवान और मौसमी फल अर्पित किए जाते हैं।

Q5: मां कालरात्रि का स्वरूप कैसा है?
A: मां कालरात्रि का शरीर गहरा काला है, उनके चार हाथ हैं, तीन नेत्र हैं। वे एक हाथ में तलवार, दूसरे में लौह शस्त्र, तीसरे में वरमुद्रा और चौथे में अभय मुद्रा में हैं।

Q6: क्या Navratri Day 7 केवल शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए है?
A: नहीं, यह दिन आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान, साहस, सुरक्षा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Q7: क्या मंत्र जाप के बिना पूजा पूरी होती है?
A: मंत्र जाप पूजा का अहम हिस्सा है। विशेष रूप से “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” का जप 108 बार करने से मां की कृपा और शक्ति प्राप्त होती है।

Q8: क्या यह पूजा अविवाहित लड़कियों के लिए भी लाभकारी है?
A: हाँ, अविवाहित लड़कियां मां कालरात्रि की पूजा कर अपने जीवन साथी के लिए आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं।

Q9: क्या Navratri Day 7 की पूजा हर साल एक ही तिथि को होती है?
A: नहीं, यह तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार अश्विन महीने की सप्तमी तिथि को निर्धारित होती है।

Q10: पूजा के समय ध्यान में क्या रखना चाहिए?
A: पूजा करते समय मानसिक शुद्धता, सकारात्मक विचार और भक्ति भाव रखना चाहिए। साफ-सुथरा स्थान और पूजा सामग्री उपयोग में लाएं।

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