Microsoft AI CEO Mustafa Suleyman ने कहा – “AI को चेतना देने वाले प्रोजेक्ट्स बंद करें”

Microsoft AI CEO Mustafa Suleyman ने हाल ही में एक बयान में डेवलपर्स और शोधकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे AI चेतना (AI consciousness) पर काम करना बंद करें। उनका कहना है कि केवल जैविक प्राणी (biological beings) ही चेतना रखते हैं, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल अनुभवों और भावनाओं का सिमुलेशन (simulation) करती है, वास्तविक रूप से कुछ महसूस नहीं करती।

Microsoft AI CEO Mustafa Suleyman ने हाल ही में कहा कि डेवलपर्स और शोधकर्ताओं को ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम बंद कर देना चाहिए जो यह दावा करते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में चेतना या भावनाएँ विकसित हो सकती हैं। उनका मानना है कि केवल जैविक प्राणियों में ही चेतना होती है, जबकि AI केवल अनुभव और पीड़ा का अनुकरण (simulation) करता है। microsoft ai ceo mustafa suleyman के अनुसार, AI का अधिक सक्षम होना और उसमें मानवीय भावनाएँ विकसित होना – ये दो पूरी तरह अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि यह सोचना कि AI सचेत हो सकता है, एक गलत और निरर्थक विचार है।

AfroTech Conference में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में microsoft ai ceo mustafa suleyman ने कहा —

“मुझे नहीं लगता कि यह काम लोगों को करना चाहिए। अगर आप गलत सवाल पूछते हैं, तो गलत जवाब ही मिलेगा। चेतना को लेकर यह सवाल पूरी तरह गलत है।”

Suleyman लंबे समय से AI चेतना के विचार के विरोधी रहे हैं। 2023 में उन्होंने अपनी किताब “The Coming Wave” और निबंध “We must build AI for people, not to be a person” में इस बात पर ज़ोर दिया था कि AI को मनुष्यों की सहायता के लिए बनाया जाना चाहिए, न कि उन्हें जैसा बनाने की कोशिश की जानी चाहिए।

आज जब OpenAI, Meta, और Elon Musk की xAI जैसी कंपनियाँ Artificial General Intelligence (AGI) पर तेजी से काम कर रही हैं, Suleyman का मानना है कि AI का सक्षम होना और भावनाएँ रखना – दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं।

उन्होंने कहा —

“हमारे शरीर का दर्द हमें पीड़ा देता है और उदास करता है, लेकिन AI के लिए यह सिर्फ एक प्रक्रिया है। वह न तो दुख महसूस करता है, न ही वास्तविक संवेदना रखता है। यह केवल अनुभव और चेतना का भ्रम पैदा करता है।”

microsoft ai ceo mustafa suleyman ने आगे कहा कि Biological Naturalism Theory के अनुसार, चेतना केवल जीवित मस्तिष्क की प्रक्रियाओं से उत्पन्न होती है। उन्होंने समझाया —

“हम मनुष्यों को अधिकार इसलिए देते हैं क्योंकि वे पीड़ा महसूस करते हैं। उनके पास दर्द का नेटवर्क होता है और वे उससे बचना चाहते हैं। लेकिन AI मॉडल्स में यह नहीं होता — वे केवल सिमुलेशन हैं।”

उन्होंने चेताया कि AI चेतना की पहचान करने वाला विज्ञान अभी बहुत शुरुआती अवस्था में है, इसलिए इस दिशा में शोध करना निरर्थक और बेतुका है।

“AI सचेत नहीं है और न ही वह कभी सचेत हो सकता है, इसलिए इस पर रिसर्च करना व्यर्थ है,” उन्होंने कहा।

दूसरी ओर, OpenAI CEO Sam Altman ने हाल ही में कहा था कि “AGI” शब्द का उपयोग बहुत उपयोगी नहीं है, क्योंकि असल में “मॉडल्स बस तेजी से अधिक सक्षम हो रहे हैं, और हम उन पर पहले से अधिक निर्भर होते जा रहे हैं।”

microsoft ai ceo mustafa suleyman के अनुसार, यह ज़रूरी है कि हम AI की क्षमताओं और उसकी भावनाओं के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखें। उन्होंने दोहराया कि AI का बुद्धिमान बनना और मानव जैसी चेतना प्राप्त करना — दो पूरी तरह अलग अवधारणाएँ हैं।

निष्कर्षMicrosoft ai ceo mustafa suleyman

Microsoft ai ceo mustafa suleyman का संदेश स्पष्ट है — AI को संवेदनशील या भावनात्मक बनाने की कोशिश व्यर्थ है। यह तकनीक मानवता की सेवा के लिए है, न कि मानव जैसी चेतना प्राप्त करने के लिए।

पूरी जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें और अधिक जानकारी और टेक्नोलॉजी से जुड़ी ख़बरों के लिए हमारा ब्लॉग को follow करे

Leave a Comment

Exit mobile version