Groww IPO: सही मूल्यांकन या अधिक मूल्य वाले प्रतिस्पर्धियों का पीछा करने का समय?

Groww IPO: डिजिटल-फर्स्ट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Billionbrains Garage Ventures (Groww) का ₹6,632.30 करोड़ का Initial Public Offering (IPO) मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को खुला। पहले दिन इसे निवेशकों से 57 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला, जो कि एनएसई के आंकड़ों के अनुसार “मध्यम रुचि” को दर्शाता है। इस इश्यू में ₹1,060 करोड़ का फ्रेश इश्यू (106 मिलियन इक्विटी शेयर) और प्रमोटर्स व मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ₹5,572.30 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

डिजिटल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Groww IPO ने अपने ₹6,632.30 करोड़ के इश्यू से बाजार का ध्यान खींचा है, लेकिन इसका मूल्यांकन निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। 33.8x के P/E अनुपात पर, Groww अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे Angel One, Motilal Oswal और Nuvama Wealth की तुलना में थोड़ा महंगा दिखता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि Groww की दीर्घकालिक रणनीति, जैसे कि Fisdom और Indiabulls AMC के अधिग्रहण के जरिए विविधीकरण, इसे मजबूत भविष्य की दिशा में ले जा सकती है।

Groww IPO: मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी तुलना

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹100 प्रति शेयर पर, Groww का P/E अनुपात 33.8x (FY25) आता है। यह इंडस्ट्री एवरेज 40.77x से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी कंपनी का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप ₹61,736 करोड़ तक पहुँचता है।

इसके मुकाबले, सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों जैसे Angel One (19.80x), Motilal Oswal (24.88x) और Nuvama Wealth (26.85x) का मूल्यांकन Groww से कम है। वहीं, 360 One WAM (45.20x) और Prudent Corporate Advisory Services (58.92x) जैसी कंपनियां कहीं ज्यादा महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं।

व्यवसाय विविधीकरण में भरोसा

Groww IPO: निवेशकों के लिए सवाल यह है कि क्या 33.8x के P/E पर Groww का मूल्यांकन उचित है या कम P/E वाले विकल्प बेहतर साबित होंगे? Almondz Group के सीनियर इक्विटी एनालिस्ट सिमरनजीत सिंह भाटिया का मानना है कि Groww की लंबी अवधि की रणनीति इसे आकर्षक बनाती है।

उन्होंने कहा, “Groww धीरे-धीरे अपने ब्रोकिंग बिजनेस पर निर्भरता घटा रहा है। FY25 में ब्रोकिंग से होने वाली आय 83% थी, जो Q1FY26 में घटकर 79.69% रह गई है। कंपनी ने Fisdom का अधिग्रहण किया और Indiabulls Asset Management की खरीद के बाद इसकी AUM छह गुना बढ़कर ₹2,000 करोड़ हो गई है।”

Groww अब स्टॉक्स, ETF, यूएस स्टॉक्स, डिजिटल गोल्ड, कॉर्पोरेट एफडी आदि जैसे उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला पेश कर रहा है। साथ ही, ₹152 करोड़ का निवेश क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जा रहा है ताकि संचालन क्षमता बढ़ाई जा सके। भाटिया का कहना है कि “लंबी अवधि की वृद्धि को देखते हुए Groww का वैल्यूएशन महंगा नहीं है और भविष्य में इसका पुनर्मूल्यांकन संभव है।”

Groww IPO: पूरी तरह से प्राइस्ड, लेकिन लंबी अवधि में अवसर

Anand Rathi Research के अनुसार, Groww की ब्रांड बिल्डिंग और फाइनेंशियल इनक्लूजन की दृष्टि सराहनीय है, परंतु IPO पूरी तरह से प्राइस्ड है। रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सब्सक्राइब करें, क्योंकि कंपनी का विविधीकरण इसे आगे बढ़ा सकता है।

Groww ने हाल ही में Margin Trading Funding (MTF), कमोडिटी डेरिवेटिव्स, API ट्रेडिंग, और बॉन्ड्स जैसी नई पेशकशें शुरू की हैं, जो ग्राहक आधार बढ़ाने में सहायक होंगी। हालांकि, रिपोर्ट का मानना है कि शॉर्ट टर्म में लिमिटेड अपसाइड की संभावना है।

Groww IPO: विशेषज्ञों की चेतावनी

Groww IPO: स्वतंत्र मार्केट एनालिस्ट दीपक जसानी ने कहा कि सिर्फ P/E अनुपात पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “कंपनी का भविष्य का ग्रोथ आउटलुक ज्यादा मायने रखता है। अगर कंपनी की वृद्धि दर तेज है, तो ऊंचा P/E भी जायज हो सकता है।”

जसानी ने कहा कि बाजार कंपनियों का मूल्यांकन उनके भविष्य की संभावनाओं के आधार पर करता है। भले ही Groww अपने प्रतिस्पर्धियों से महंगा दिखता हो, लेकिन इसकी व्यवसायिक रणनीति और वृद्धि का ट्रैक रिकॉर्ड इसे एक अलग श्रेणी में रखता है।

निष्कर्ष – Groww IPO

Groww IPO को लेकर बाजार में राय बंटी हुई है — कुछ विशेषज्ञ इसे “लॉन्ग टर्म प्ले” मानते हैं, जबकि अन्य इसे “फुली प्राइस्ड” बताते हैं। निवेशकों को फैसला करने से पहले कंपनी की विकास योजनाओं और प्रतिस्पर्धी माहौल का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना चाहिए।

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