Kiss Movie Review: रोमांस, कॉमेडी और फैंटेसी का अनोखा संगम

भारतीय सिनेमा में रोमांटिक कॉमेडी हमेशा से दर्शकों की पसंद रही है। जब किसी फिल्म में रोमांस के साथ हल्की-फुल्की कॉमेडी और फैंटेसी का तड़का लगाया जाता है, तो कहानी और भी दिलचस्प बन जाती है। निर्देशक सतीश कृष्णन की डेब्यू फिल्म ‘Kiss’ भी कुछ इसी तरह की कोशिश करती है।
इस फिल्म का कॉन्सेप्ट अनोखा है और इसे रोमांटिक कॉमेडी शैली में एक नया ट्विस्ट देने का प्रयास किया गया है। चलिए विस्तार से जानते हैं इस फिल्म की कहानी, कलाकारों का अभिनय, निर्देशन और तकनीकी पहलुओं को इस Kiss Movie Review में।

फिल्म की कहानी (Synopsis)

Kiss Movie Review में कविन और प्रीति असरानी का रोमांटिक दृश्य

फिल्म का मुख्य किरदार नेल्सन (कविन) है, जो प्यार पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता। लेकिन किस्मत उसे एक अजीब सी शक्ति देती है – “किस जोसियम”। इसके जरिए जब भी वह किसी कपल को लिप-किस करते हुए देखता है, तो उनके भविष्य की झलक उसे दिखाई देती है। समस्या यह है कि हर बार उसका विज़न कपल्स के बिछड़ने पर खत्म होता है।

जहाँ आमतौर पर सुपरहीरोज अपनी शक्तियों का इस्तेमाल दुनिया बचाने के लिए करते हैं, वहीं नेल्सन अपनी शक्ति का उपयोग कपल्स को अलग करने में करता है। इसके पीछे उसकी अपनी भावनात्मक कहानी है। बचपन में उसने अपने माता-पिता के टूटते रिश्ते को देखा और तभी से उसने प्यार को दिल तोड़ने वाला हथियार मान लिया।

लेकिन जब उसकी मुलाकात सारा (प्रीति असरानी) से होती है, तो क्या उसकी सोच बदलती है? क्या प्यार वाकई दिल तोड़ने वाला हथियार है या जिंदगी को जीने की सबसे खूबसूरत वजह? फिल्म इन्हीं सवालों के इर्द-गिर्द घूमती है।

निर्देशन और पटकथा

सतीश कृष्णन का निर्देशन ताज़गी भरा है। उन्होंने फैंटेसी और रोमांस को जोड़कर कहानी में नया स्वाद लाने की कोशिश की है। कहानी की शुरुआती सेटअप मज़ेदार है, खासकर नेल्सन और उसके दोस्त (आरजे विजय) के बीच की कॉमिक केमिस्ट्री हंसी से भर देती है।

हालाँकि, फिल्म का सबसे बड़ा दोष इसकी गहराई की कमी है। नेल्सन का प्यार में बदलना बहुत जल्दी और सुविधाजनक तरीके से दिखाया गया है। दर्शक यह जानना चाहते हैं कि प्यार से नफ़रत करने वाला लड़का अचानक कैसे प्यार करने लगता है, लेकिन फिल्म इसे विस्तार से नहीं दिखाती।

फिर भी कुछ दृश्य गहरे असर छोड़ते हैं। जैसे सुपरमार्केट में वह सीन, जब नेल्सन और सारा अलग होने की कगार पर होते हैं। फ्रीज़र का धुंधला दरवाज़ा उनके बीच की दूरी और नेल्सन की अंदरूनी भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाता है।

अभिनय (Performance)

  • कविन (नेल्सन) – उन्होंने अपने किरदार को अच्छी तरह निभाया है। खासकर इमोशनल सीन और रोमांटिक पलों में उनकी परफॉर्मेंस दर्शकों को छू जाती है।
  • प्रीति असरानी (सारा) – उनका किरदार एक डांसर का है और उन्होंने हर सीन में नैचुरल अभिनय किया है। कविन और प्रीति की केमिस्ट्री फिल्म की जान है।
  • वीटीवी गणेश और आरजे विजय – दोनों ने हास्य का तड़का लगाया है। उनके डायलॉग और टाइमिंग दर्शकों को खूब हंसाते हैं।
  • देवयानी (नेल्सन की माँ) और अन्य कलाकार – हालांकि इन्हें बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला, लेकिन उन्होंने अपने-अपने किरदार को ईमानदारी से निभाया।

तकनीकी पहलू (Technical Aspects)

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी कई जगहों पर शानदार है। खासतौर पर वे सीन जिनमें विजुअल मेटाफर्स का इस्तेमाल किया गया है, काफी प्रभावशाली लगते हैं।
बैकग्राउंड म्यूज़िक और गाने कहानी के फ्लो को बेहतर बनाते हैं। दर्शक सोशल मीडिया पर भी गानों और बीजीएम की तारीफ कर रहे हैं।

फिल्म की खूबियाँ

  1. अनोखा कॉन्सेप्ट – किस के जरिए भविष्य देखना एक दिलचस्प और नया आइडिया है।
  2. कॉमेडी – वीटीवी गणेश और आरजे विजय ने कई जगह दर्शकों को खूब हंसाया।
  3. रोमांटिक पल – कविन और प्रीति असरानी के बीच के दृश्य दिल को छू जाते हैं।
  4. विजुअल इम्पैक्ट – कुछ शॉट्स बहुत ही यादगार हैं।

फिल्म की कमजोरियाँ

  1. भावनात्मक गहराई की कमी – नेल्सन का प्यार में बदलना दर्शकों को कनेक्ट नहीं कर पाता।
  2. वन-डायमेंशनल किरदार – सिवाय मुख्य किरदारों के, अन्य किरदारों को विस्तार नहीं दिया गया।
  3. दूसरे हाफ की कमजोरी – कहानी का टेंपो दूसरे भाग में थोड़ा धीमा हो जाता है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

फिल्म के रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे एक ताज़गी भरी रोमांटिक कॉमेडी कहा है। कई फैंस का मानना है कि लंबे समय बाद उन्हें ऐसी हल्की-फुल्की फिल्म देखने को मिली, जिसने उन्हें एंटरटेन किया।
कविन के इमोशनल परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया है और कई दर्शकों ने कहा कि वह अब बड़े हीरो की तरह उभर रहे हैं।

निष्कर्ष

Kiss Movie Review के आधार पर कहा जा सकता है कि यह फिल्म पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसमें एक हल्की-फुल्की और फील-गुड एंटरटेनर बनने की क्षमता जरूर है। अगर आप गहराई वाली कहानी की तलाश में हैं, तो थोड़ी निराशा हो सकती है, लेकिन अगर आप रोमांस और कॉमेडी का मज़ा लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी।

फिल्म का संदेश यह है कि प्यार और दया कभी व्यर्थ नहीं जाते। चाहे वक्त जैसा भी हो, जो सच्चा स्नेह और मोहब्बत दिया जाता है, वह किसी न किसी रूप में लौटकर जरूर आता है।

Kiss Movie Review – रेटिंग

  • कहानी: ⭐⭐⭐ (3/5)
  • निर्देशन: ⭐⭐⭐ (3/5)
  • अभिनय: ⭐⭐⭐⭐ (4/5)
  • म्यूजिक और तकनीकी पक्ष: ⭐⭐⭐⭐ (4/5)

कुल मिलाकर रेटिंग: 3.5/5

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Kiss Movie Review – FAQ

Q1 Kiss मूवी की कहानी किस बारे में है?
Kiss फिल्म की कहानी नेल्सन( कविन) के इर्द- गिर्द घूमती है, जिसे किस के ज़रिए कपल्स का भविष्य देखने की शक्ति मिलती है । लेकिन अक्सर उसका विज़न रिश्तों के टूटने पर खत्म होता है । इसी बीच उसकी ज़िंदगी में सारा( प्रीति असरानी) आती है और कहानी रोमांस, कॉमेडी और इमोशन से भर जाती है ।

Q2 Kiss फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
इस फिल्म का निर्देशन कोरियोग्राफर से निर्देशक बने सतीश कृष्णन ने किया है । यह उनकी डेब्यू फिल्म है ।

Q3 Kiss फिल्म में मुख्य कलाकार कौन हैं?
इस फिल्म में कविन( नेल्सन), प्रीति असरानी( सारा), वीटीवी गणेश, आरजे विजय, देवयानी और राव रमेश मुख्य भूमिकाओं में नज़र आते हैं ।

Q4 Kiss Movie Review के अनुसार फिल्म की खूबियाँ क्या हैं?
फिल्म का अनोखा कॉन्सेप्ट, कविन और प्रीति असरानी की केमिस्ट्री, कॉमेडी सीन्स और कुछ शानदार विजुअल्स इसकी सबसे बड़ी खूबियाँ हैं ।

Q5 Kiss Movie Review के अनुसार फिल्म की कमज़ोरियाँ क्या हैं?
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी भावनात्मक गहराई का अभाव है । किरदारों को विस्तार से नहीं दिखाया गया और दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है ।

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